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Mainpuri News:मैनपुरी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार ग्रामीणों ने गांव के बाहर लगाया बैनर, विधायक और प्रधान की नो एन्ट्री

by morning on | 2025-12-30 17:04:49

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Mainpuri News:मैनपुरी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार ग्रामीणों ने गांव के बाहर लगाया बैनर, विधायक और प्रधान की नो एन्ट्री

फोटो परिचय- नगला सेवा में गांव के बाहर बैनर लगाकर विरोध करते ग्रामीण।

Morning City


मैनपुरीमंगलवार को करहल क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर के मजरा नगला सेवा के दर्जनों ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं, की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के द्वारा प्रदर्शन जनप्रतिनिधियों सहित ग्राम प्रधान व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ किया गया।

नगला सेवा गांव के ग्रामीणों हरदेश देवी, शीतला देवी, ममता देवी, प्रवीण कुमार, विनय यादव, अखिलेश, सुरेश चंद, पवनेश, लज्जाराम, ग्याप्रसाद, सुनील यादव, मुकेश चंद, प्रदीप यादव आदि ने पंचायत चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करते हुए रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाते हुए गांव के बाहर बैनर लगाकर जमकर नारेबाजी की। इस बीच उन्होंने कहा ग्राम प्रधान से लेकर विधायक सांसद, मुख्यमंत्री तक ग्रामीणों ने गांव के संपर्क मार्ग बनवाने के लिए गुहार लगाई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा, आज तक गांव का संपर्क मार्ग नहीं बन सका।

मूलभूत सुविधाओं से वंचित है ग्रामीण
ग्रामीण मूलभूत सुविधाएं से आज भी वंचित हैं, गांव में गंदगी की बजह ग्रामीणों को कई बीमारियों का भी सामना करना पढ़ रहा है, शिक्षा के क्षेत्र में जो नौनिहाल बच्चों का हाल बुरा है, गांव में कोई विद्यालय नहीं होने के कारण बच्चों को तीन किलोमीटर दूर जगन्नाथपुर में पैदल जाना पड़ता है या फिर 2 किलोमीटर दूर लाखनमऊ जाना पड़ता है। जिससे अधिकांश नौनिहाल बच्चों ने पढ़ना छोड़ दिया है। वही नौनिहाल बच्चों का जीवन शिक्षा के बिना अंधकारमय हो गया है।

एंबूलेंस सेवा का लाभ भी नहीं मिल पाता
गांव में महिलाओं को प्रसव पीड़ा के दौरान एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है, सरकार द्वारा चलाई जा रही निशुल्क एम्बुलेंस सेवा का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है, संपर्क मार्ग खराब होने के कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है, मजबूरन ग्रामीण चारपाई पर लिटाकर महिलाओं को सड़क तक ले जाते हैं वही गांव के बुजुर्गों का भी हाल बुरा है आए दिन बुजुर्गों के रास्ते में फिसल जाने से कीचड़ में गिर जाने से पैर फैक्चर हो चुके है।ं इन समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है, ग्रामीणों ने अबकी बार सड़क नहीं तो वोट नहीं की कसम खाकर मताधिकार का बहिष्कार किया है।

आजादी के बाद से ही नहीं बना संपर्क मार्ग
ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के लिए जाने वाला संपर्क मार्ग की दूरी मात्र 700 मीटर है, आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव का संपर्क मार्ग नहीं बना सका है और ना ही गांव में शौचालय का लाभ मिल सका है। आज भी ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर हैं।

किसी भी दल के राजनेता की गांव में नो एन्ट्री
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि यदि इस मुख्य मार्ग का र्निर्माण शीघ्र नहीं कराया जाता है, तो वे आगामी किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने प्रण लिया है कि वे पूरी तरह से चुनाव का बहिष्कार करेंगे और किसी भी पार्टी या दल को अपनी ग्राम सभा की सीमा में प्रवेश नहीं करने देंगे। गांव के संपर्क मार्ग के बाहर बैनर लगाकर ग्रामीणों ने राजनेताओं को सड़क न बनने तक गांव में न घुसने की कड़ी हिदायत दी है।

संबंधित अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
इस संबंध में जब संबंधित अधिकारियों से वार्ता करने के लिए उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो किसी भी अधिकारी के द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। जो कि चिंता का विषय हैं, जब अधिकारी अखबार के प्रतिनिधि का फोन रिसीव नहीं कर सकते तो एक साधारण आम इंसान को न्याय कैसे मिल सकता है।


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