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मेरी बेटियों का ब्रेनवॉश किया गया, गैंग ने चंगुल में फंसाया — पीड़ित पिता की पीड़ा छलकी, 10 आरोपी गिरफ्तार

by morning on | 2025-07-21 03:29:02

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मेरी बेटियों का ब्रेनवॉश किया गया, गैंग ने चंगुल में फंसाया — पीड़ित पिता की पीड़ा छलकी, 10 आरोपी गिरफ्तार

Morning City

आगरा मेरी बेटियां बहुत संस्कारी थीं, पढ़ाई में तेज थीं, हमने उन्हें अच्छे संस्कार दिए। लेकिन एक गैंग ने उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें इस्लाम कबूल करवाया। पहले बड़ी बेटी को फंसाया, फिर उसने छोटी बहन को भी अपने साथ कर लिया। यह कहना है आगरा की उन दो सगी बहनों के पिता का, जिन्हें एक कथित धर्मांतरण गैंग ने बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा लिया। रविवार को पहली बार पीड़ित पिता ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई, और 4 साल की उस दर्दनाक कहानी का खुलासा किया जो उन्होंने बेटियों के खोने और वापस पाने के बीच झेली। यह सनसनीखेज मामला आगरा के सदर थाना क्षेत्र का है, जहां से 24 मार्च 2025 को दो सगी बहनें अचानक गायब हो गईं। पुलिस ने प्रारंभ में इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब पूरे 41 दिन बाद पिता की शिकायत पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया, तब जाकर मामले ने रफ्तार पकड़ी। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों बहनें एक कट्टरपंथी धर्मांतरण गैंग के संपर्क में थीं, जो द केरल स्टोरी' जैसी फिल्मों की कहानी को हकीकत में दोहराने का काम कर रहा था।

सत्संग गए माता-पिता, पीछे से दोनों बेटियां हुईं गायब

पिता ने बताया कि मार्च 2024 में जब वह और उनकी पत्नी सत्संग में गए थे, उसी दौरान दोनों बेटियां घर से बिना बताए चली गईं। बड़ी बेटी एमफिल पास कर चुकी थी और पीएचडी की तैयारी कर रही थी। वह शहर के एक कोचिंग संस्थान में जाती थी, जहां उसकी दोस्ती जम्मू-कश्मीर की साइमा उर्फ खुशबू नामक युवती से हुई। यहीं से शुरू हुआ उस मानसिक जाल का सिलसिला, जिसमें बेटी उलझती चली गई।

हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काने लगी, खुद ही बहन को भी फंसा लिया

पीड़ित पिता ने कहा, मेरी बड़ी बेटी धीरे-धीरे हिंदू धर्म के खिलाफ बोलने लगी थी। वह कहती थी कि हिंदू धर्म में बहुत सारे देवी-देवता हैं, जबकि मुस्लिम धर्म में एक ही खुदा है, जो बरकत देता है। उसकी सोच पूरी तरह बदल गई थी। वह हमें भी धर्म बदलने का दबाव बनाने लगी थी। इसके बाद बड़ी बेटी ने अपनी छोटी बहन को भी इस्लाम कबूल करवाया। साल 2021 में गैंग ने बड़ी बेटी को कश्मीर ले जाकर उसका धर्मांतरण और निकाह कराने की योजना बनाई थी, लेकिन लैंड स्लाइड होने के कारण पिता को बेटी को वापस लाने का मौका मिल गया।

4 साल से गैंग के संपर्क में थी बेटियां, अब शुरू हुई काउंसिलिंग

पिता ने कहा कि बेटी भले लौट आई थी, लेकिन गैंग से संपर्क बना रहा। धीरे-धीरे दोनों बहनें पूरी तरह कट्टरपंथी विचारधारा में ढल चुकी थीं। अब जब पुलिस ने उन्हें बरामद किया है, तो वे फिलहाल पुलिस संरक्षण में हैं और उनकी काउंसिलिंग की जा रही है। पिता ने रोते हुए कहा— मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों को धर्म के बारे में सही जानकारी दें। बच्चों को सनातन धर्म और उसके मूल्यों से परिचित कराएं। नौकरी या जिम्मेदारियों में उलझकर बच्चों से दूरी न बनाएं, वरना ऐसे दरिंदे उन्हें अपने जाल में फंसा लेंगे।

41 दिन बाद दर्ज हुआ केस, फिर खुला धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क

24 मार्च को गायब हुई बहनों की गुमशुदगी की शिकायत सदर थाने में दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने 41 दिन बाद 4 मई को साइमा उर्फ खुशबू के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद जांच जब साइबर सेल और सर्विलांस टीमों को सौंपी गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि यह केवल दो लड़कियों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित धर्मांतरण गिरोह की बड़ी साजिश है। गैंग की गतिविधियां देश के कई राज्यों तक फैली हैं और इसके तार विदेशों तक जुड़े हैं। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर एडीसीपी सिटी आदित्य के नेतृत्व में सात टीमें गठित की गईं। पुलिस की टीमें कोलकाता के बैरकपुर, गोवा, देहरादून, जयपुर और मुजफ्फरनगर समेत विभिन्न स्थानों पर भेजी गईं।

10 आरोपी गिरफ्तार, कई हिंदू बन चुके थे मुस्लिम, फिर बने धर्मांतरण एजेंट

पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई आरोपी हिंदू से धर्मांतरण कर मुस्लिम बन चुके थे और अब युवकों व युवतियों को बरगला कर अपने साथ जोड़ रहे थे। इन सभी पर धर्मांतरण, अपहरण, मानसिक शोषण और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के विदेशी कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।

सत्यार्थ प्रकाश पढ़ें, बच्चों को सही दिशा दें - पीड़ित पिता की अपील

पिता ने अपील की— मैं सभी माता-पिता से कहता हूं कि वे अपने बेटों-बेटियों को समय दें, उन्हें धार्मिक और नैतिक शिक्षा दें। 'सत्यार्थ प्रकाश' जैसी किताबें उन्हें पढ़ने को दें, ताकि वे सच्चाई से भटकें नहीं। मैं चाहता हूं कि मेरी बेटियों को बहलाने-फुसलाने वाले दरिंदों को ऐसी सजा मिले कि कोई दोबारा ऐसा दुस्साहस न कर सके।"

जांच जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव

पुलिस सूत्रों के मुताबिक धर्मांतरण गैंग का नेटवर्क व्यापक है। अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी चल रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह खबर आगरा और पूरे देश के लिए एक चेतावनी है— बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल, कोचिंग और करियर तक सीमित न रखें, बल्कि उनके विचारों, दोस्तों और ऑनलाइन गतिविधियों पर भी नजर रखें।

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