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Agra News:शाह मार्केट में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला

by morning on | 2025-08-07 17:07:10

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Agra News:शाह मार्केट में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला


शाह मार्केट में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, सवालों के घेरे में बाजार की सुरक्षा और पुलिस की चौकसी

Morning City

आगराशहर के पॉश बाजारों में शुमार शाह मार्केट बुधवार देर रात गोलियों की आवाज से दहल उठा। अंडे के ठेले के पास खड़े भाजपा नेता सुमित दिवाकर पर जानलेवा हमला हुआ। तीन हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली चलाई और मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि गोली कान के पास छूकर निकल गई और सुमित की जान बच गई। घटना के बाद भाजपा नेता खून से लथपथ हालत में खुद थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। लेकिन इस हमले ने बाजार की सुरक्षा, पुलिस की सतर्कता और अवैध गतिविधियों पर ढीले रवैये पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हमला रात करीब 11:30 बजे हुआ, जब सुमित शाह मार्केट में अंडे के एक ठेले पर खड़े थे। इसी दौरान जज कंपाउंड निवासी तीन युवक— सोहेल, राजा और शाहरुख वहां पहुंचे और बहस शुरू कर दी। सुमित के अनुसार, सोहेल ने पीछे से आकर तमंचा उनके कान पर सटा दिया और गोली चला दी। हाथ मारने पर गोली थोड़ी नीचे लगी और वह जमीन पर गिर पड़े। होश आने पर वह किसी तरह उठे और हरीपर्वत थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामले में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है।

घटना के बाद सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि आखिर रात 11 बजे तक बाजार में अंडे के ठेले जैसे अस्थायी ठेले क्यों खुले रहते हैं? अगर एमजी रोड जैसे इलाकों में दुकानें समय से बंद करा दी जाती हैं, तो फिर शाह मार्केट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह छूट क्यों दी जाती है? वहीं, घटना स्थल से महज कुछ कदमों की दूरी पर नेहरू नगर चौकी है, जहां पुलिसकर्मी नियमित गश्त का दावा करते हैं, फिर भी बदमाश बेखौफ होकर हथियार लेकर घूमते रहे और गोली चलाकर भाग भी गए। भाजपा नेता ने यह भी बताया कि सोहेल का मामा चांद दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुका था, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी। लेकिन पुलिस ने न तो उस धमकी को गंभीरता से लिया और न ही कोई एहतियाती कदम उठाया। यही वजह है कि अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब पहले से खतरे की जानकारी थी, तो सुमित को सुरक्षा क्यों नहीं मिली?

सुमित का आरोप है कि आरोपी पक्ष सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए है और वहां झुग्गी-झोपड़ियों के नाम पर करीब 15 से 20 अवैध निर्माण कर रखे हैं। यह इलाका अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। घटना के बाद स्थानीय व्यापारी भी दहशत में हैं और बाजार में रात को ठेले और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि हमले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। लेकिन अब सवाल कानून व्यवस्था के खोखले दावों पर भी खड़ा हो गया है। भाजपा नेता पर बीच बाजार में गोली चलने की घटना ने साफ कर दिया है कि शहर में अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं रह गया। जब पुलिस चौकी की कुछ दूरी पर इस तरह से हमला हो सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की उम्मीद करना बेमानी है। यह वारदात सिर्फ एक राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला नहीं, बल्कि आगरा के बाजारों की गिरती सुरक्षा व्यवस्था का आइना है। सवाल अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम पर है, जो लापरवाही और ढिलाई के कारण अपराधियों को खुली छूट दे रहा है।

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