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Mainpuri news:सजना है मुझे सजना के लिए, जरा उलझी लटे संभाल...

by morning on | 2025-10-09 17:01:41

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Mainpuri news:सजना है मुझे सजना के लिए, जरा उलझी लटे संभाल...

फोटो परिचय- सांकेतिक तस्वीर।


- आज मनेगा प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक करवा चौथ

- सिद्धि योग, समेत बन रहे हैं शुभ संयोग, पूजा से होगी अखंड सौभाग्य की प्राप्ति

मैनपुरी सुहागिनों का सबसे प्रिय और महत्वपूर्ण पर्व करवा चौथ आज शुक्रवार को जनपदभर में मनाया जाएगा। आज के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार करवाचौथ पर कई अत्यंत शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनमें सिद्धि योग और शिववास योग प्रमुख हैं। माना जा रहा है कि इन शुभ संयोगों में की गई पूजा और व्रत से वैवाहिक जीवन के सभी संकट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी।

कुरावली निवासी ज्योतिषाचार्य नन्द किशोर मिश्र ने बताया कि करवाचौथ व्रत का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व होता है। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती है। करवाचौथ का आरंभ कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 9 अक्टूबर को देर रात 10 बजकर 54 मिनट पर होगा और कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का समापन 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट पर होगा। इस दिन सिद्धि योग व शिववास का शुभ संयोग बन रहा है, साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे। इस संयोग में करवा माता की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं समाप्त होंगी, और रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। साथ ही यह पर्व चतुर्थी तिथि और शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को भगवान गणेश और मां लक्ष्मी दोनों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा।

सिद्धि योग करेगा कल्याण
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस बार करवाचौथ पर सिद्धि योग का शुभ संयोग रहा है। साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे। व्रत सिद्धि योग और कृत्तिका नक्षत्र में है। सिद्धि योग प्रातः काल से लेकर शाम 5.41 मिनट तक है। उसके बाद से व्यतीपात योग होगा। उस दिन कृतिका नक्षत्र प्रातः काल से लेकर शाम 5.31 मिनट तक है, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र है।

शिववास देगा अखंड सौभाग्य
जब शिववास कैलाश पर होता है, तो वह काल पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक और व्रत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। शिववास योग में पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद शीघ्र प्राप्त होता है। करवा चौथ के दिन यह संयोग सुहागिनों के वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य बढ़ाता है। इस योग में की गई पूजा से पति-पत्नी के बीच प्रेम और अटूट बंधन बना रहता है।

पूजन व चंद्र दर्शन का समय
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि यह भी मान्यता है कि चंद्र दर्शन मनवांछित फल प्रदान करता है। इस बार करवाचौथ पर मैनपुरी में पूजन का समय शाम 5.57 बजे से शाम 7.11 बजे तक है व चंद्रमा रात 8.10 मिनट पर निकलेगा।

छलनी से ही चेहरा देखने की जाने वजह
दरअसल, जिस छलनी से चंद्र दर्शन और पति का चेहरा देखा जाता है, उसमें हजारों छेद होते हैं। इसलिए छलनी से चांद देखने पर उसके छिद्र जितने ही प्रतिबिम्ब बनते हैं। ऐसे में मान्यता है कि जब करवा चौथ पर छलनी से पति का चेहरा देखा जाता है तो पति की आयु भी कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि करवा चौथ की रात चंद्र दर्शन के बाद महिलाएं छलनी से पति का चेहरा जरूर देखती हैं।



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