Mainpuri News:सराफा की दुकानों में चोरी करने के आरोपी को पकड़ा घटना के बाद से चल रहा था फरार, हुई थी सवा करोड़ की चोरी
personसंपादकीय टीम
calendar_today23 Jan 2026, 12:00 am
location_onMainpuri
Morning City
मैनपुरी/औंछा। कस्बा में 15 दिसंबर की रात को सराफा के दो व्यापारियों की दुकानों के शटर तोड़कर करीब सवा करोड़ के जेवर नकदी चोरी की घटना अंजाम देने वाले गैंग के दूसरे आरोपी को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 290 ग्राम चांदी, 5.9 ग्राम सोना और 95 हजार की नकदी बरामद हुई है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ज्ञात हो कि औंछा थाना क्षेत्र के सराफा व्यापारी मनोज वर्मा की दुकान से 15 दिसंबर की रात को चोर करीब 200 ग्राम सोने के जेवर, 15-20 किलो चांदी और विपिन गुप्ता की दुकान के शटर तोड़ कर 12 किलो चांदी करीब 120 ग्राम सोने के जेवर चोरी कर ले गए थे। मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस खुलासे के प्रयास में जुटी तो पता चला कि हाथरस के रहने वाले एक पिता पुत्र के गैंग ने घटना को अंजाम दिया है। प्रभारी निरीक्षक चंद्रपाल सिंह ने दो जनवरी को गिरोह के सरगना राजेंद्र सिंह निवासी गांव नगला बाग थाना सहपऊ हाथरस को 3.400 किग्रा चांदी सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जल्द ही अन्य साथियों की होगी गिरफ्तारी
एएसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने बताया कि 21 जनवरी को प्रभारी निरीक्षक ने टीम के साथ सराफ की दुकानों से चोरी करने वाले गैंग के दूसरे चोर मोनू उर्फ मानवेंद्र निवासी गांव लोधई थाना सहपऊ हाथरस को गैलानाथ पुल के पास थाना कुरावली से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 290 ग्राम चांदी, 5.9 ग्राम सोना और 95 हजार की नकदी और अर्टिका कार बरामद हुई। एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। जल्द ही उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
साथी के घर पर बनाया था चोरी का प्लान
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए मोनू उर्फ मानवेंद्र ने बताया कि उसने साथी हरिओम, कालिया, संतोष, ओमप्रकाश, भवानी शंकर निवासी गांव बाग बधिक थाना सहपऊ जनपद हाथरस ने अरुण के घर पर चोरी की योजना बनाई थी। योजना में अरुण के पिता राजेंद्र सिंह भी शामिल थे। घटना के समय अरुण के भाई उमेश, अरुण के चाचा सुरेश को भी शामिल किया था। वह उमेश के साथ अर्टिका कार में बैठ कर जैथरा आए थे। घटना के दौरान गाड़ी में वह मौजूद था। चोरी के बाद वह उन लोगों ने एक ज्वैलर्स से माल बेचने के बारे में जानकारी भी की थी। बाद में साथी हरिओम और अरुण ने कासगंज में किसी सराफा के यहां कुछ जेवर बेचे गए।
आत्मसमर्पण की फिराक में था मोनू
एएसपी ग्रामीण ने बताया कि पूछताछ करने पर पकड़े गए मोनू उर्फ मानवेंद्र ने बताया कि जब उसे पता चला कि चोरी की घटना में उसका भी नाम आ चुका है। तो वह कोर्ट में समर्पण के लिए हिस्से में आए जेवर नकदी आदि लेकर आया था। गाड़ी की नंबर प्लेट उतार ली थी, ताकि गाड़ी पहचान न हो सके।
