Agra News: बीमा घोटाला फरार आरोपी सोमप्रकाश शर्मा गिरफ्तार, ओटीपी और फर्जी खातों से करोड़ों की हेराफेरी
personसंपादकीय टीम
calendar_today23 Mar 2026, 11:05 pm
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आगरा। थाना हरीपर्वत क्षेत्र में सामने आए 3.60 करोड़ रुपये के बड़े बीमा घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सोमप्रकाश शर्मा को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी को स्वामी धाम चौराहा, विधाता ग्रीन कॉलोनी, ग्वालियर रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी वर्ष 2024 से लगातार वांछित था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार प्रयास किए गए। इस कार्रवाई को इंस्पेक्टर क्राइम सतीश कुमार की टीम ने अंजाम दिया, जिसे इस मामले में अहम सफलता माना जा रहा है। घोटाले की पड़ताल में पता चला है कि सोमप्रकाश शर्मा और उसके साथियों ने बीमा कंपनी में नौकरी के दौरान ग्राहकों के साथ विश्वासघात किया। आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों से ओ टी पी हासिल कर उनकी पर्सनल डिटेल्स बदल दीं। इसके बाद फर्जी दस्तावेज और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से करीब 3.60 करोड़ रुपये की हेराफेरी अंजाम दी गई।
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पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह घोटाला बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया। आरोपी और उसके साथियों ने बीमा कंपनी के सिस्टम और ग्राहकों की जानकारी का दुरुपयोग किया। खातों और प्रोफाइल की डिटेल्स बदलने के बाद रकम को अन्य फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस मामले में पहले ही आरोपी निखिल गुप्ता और अमित शर्मा को जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी नवनीत प्रभात सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब फरार चल रहे प्रमुख आरोपी सोमप्रकाश शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उम्मीद कर रही है कि घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा होगा। बताया गया है कि वर्ष 2023 में थाना हरीपर्वत में इस मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब सोमप्रकाश शर्मा से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस बीमा घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे, फर्जी खातों का नेटवर्क किसने तैयार किया और रकम किन माध्यमों से निकाली गई। अधिकारियों का मानना है कि इस हाई-प्रोफाइल घोटाले से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। यह गिरफ्तारी न केवल अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि भविष्य में ऐसे वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए भी पुलिस के प्रयासों को मजबूती देने वाली है।
