Mainpuri News: वंश कश्यप की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार? सीसीटीवी के वीडियो कहानी कुछ और ही वयां कर रही है

personसंपादकीय टीम
calendar_today10 Sept 2026, 09:18 pm
location_onMainpuri

एंबूलेंस को आखिर पेट्रोल पंप पर काफी देर तक क्यों खड़ा किया गया

मैनपुरी। शहर के सुदिती ग्लोबल एकेडमी में कक्षा 9 के छात्र रहे वंश कश्यप की मौत का आखिर कौन जिम्मेदार है। स्कूल के प्रबंध निदेशक बताते है कि सैफई पीजीआई में वंश को भर्ती कराने के बाद आईसीयू में रखा गया, जहां से वंश के पिता केशव ने वंश को आगरा ले जाने के लिए, लेकिन पीजीआई के चिकित्सको ने मना करने के बाद आगरा ले जाते समय वंश की मौत हो गई। जब वंश को आगरा ले जा रहे थे तब एंबूलेंस में डीजल भरवाने के लिए उसे पेट्रोल पंप के सामने काफी देर तक सुदिती के प्रबंध निदेशक के इंतजार में खड़ा भी किया गया था, जबकि वंश की हालत बहुत ही ज्यादा नाजुक थी।

www.morningcity.in

वंश के मौत के मामले को शुरु से समझते हैं, सीसीटीवी के वीडियो के अनुसार 22 नबंवर 2025 की सुवह वंश विद्यालय में दाखिल होता हैं, अपने क्लास की तरफ चला जाता हैं, इस दौरान वह अकेला ही होता हैं, क्लास में अपनी सीट पर कुछ देर बैठने के बाद कई सीट चेंज करता है। जिसके बाद वह वॉशरुम की कहकर निकल जाता हैं, फिर वापस नहीं आता है। सुदिती के प्रबंध निदेशक लव मोहन किसी के साथ ऑफिस में बैठे हुए होते है। अचानक उन्हें फोन पर सूचना मिलती है, वह दौड़कर पहुंचते है, वह अपनी कार से वंश को लेकर निकलते है, जिला अस्पताल में डॉक्टर न होने की सूचना के बाद वह वंश को लेकर पाठक हॉस्पिटल लेकर जाते है, हॉस्पिटल के बाहर ही वंश के पिता केशव पहले से ही मौजूद मिलते हैं, पाठक हॉस्पिटल में वंश को सैफई या आगरा ले जाने के लिए कहा जाता है। जिसके बाद केशव से लव मोहन की बात होती हैं, वंश को सैफई पीजीआई ले जाने के लिए तय किया जाता है। सैफई में भर्ती कराने के दौरान वंश को आईसीयू में भर्ती कर दिया जाता है।

बिना रेफर किए आगरा के लिए ले आए

सुदिती के प्रबंध निदेशक बताते है कि वंश की हालत नाजुक होने के बाद वंश के पिता उसे बिना रेफर किए ही आगरा के लिए लेकर चल दिए थें, आगरा ले जाते समय रास्ते में वंश की मौत हो गई थी, जबकि सैफई पीजीआई में वंश को आईसीयू में भर्ती किया गया था, उसकी हालत बहुत ही नाजुक बनी हुई थी, सैफई पीजीआई के चिकित्सको की टीम वंश की लगातार देखभाल कर रही थी, जहां पर चिकित्सको के मना करने के बाद भी वंश के पिता सैफई पीजीआई में लिखकर देकर आए कि आगरा ले जाते पर कोई घटना होती है उसके जिम्मेदार वह स्वयं होंगे। और बिना रेफर कराए ही आगरा के लिए प्राइवेट रुप से एंबूलेंस किराए पर करके चल दिए थें।

Morning City

एबंूलेंस को पेट्रोल पंप पर खड़ा किए रहे

प्रबंध निदेशक बताते है कि सैफई से वंश को लेकर यह लोग निकल जाते है, वह खुद कार से निकल जाते है, तभी प्रबंध निदेशक के पास फोन आता है कि एंबूलेंस में तेल भरवाना हैं, प्रबंध निदेशक पीजीआई के अंदर ही मंदिर पर माथा टेकते है कि भगवान मदद करना किसी प्रकार की अनहोनी से बचाना, वह बताते है कि इस दौरान करीब 10 से 15 मिनट का समय लग जाता है जिसके बाद वह कार लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचते हैं, तब तक यह लोग एंबूलेंस को लेकर एंबूलेंस के किनारे सड़क पर ही खड़े रहते हैं, जबकि वंश की हालत बहुत ही ज्यादा नाजुक बनी हुई थी, यह लोग आईसीयू से लेकर वंश को आगरा जा रहे थें।
फोटो परिचय- पेट्रोल पंप के बाहर खड़ी एबूंलेंस, लाल घेरे में।
फोटो परिचय- पेट्रोल पंप के बाहर खड़ी एबूंलेंस, लाल घेरे में।
इस खबर को शेयर करें:
WFX
homeहोमplay_circleवीडियोcurrency_rupeeशेयर बाजारnewspaperई-पेपर
Subscribe NowSanskrit Teaching in Hindi