Mathura News: 14 करोड़ का सोना और 15 लाख नकदी पार, सात घंटे तक शोरूम में रहा पूर्व कर्मचारी
personसंपादकीय टीम
calendar_today15 Sept 2026, 10:43 pm
location_onMathura
काले कपड़े से चेहरा ढककर छत के रास्ते घुसा, स्ट्रांग रूम काटकर चाबी से खोली तिजोरी; 36 घंटे में खुला राज, आठ किलो सोना और 11 लाख रुपये बरामद
मथुरा। बलदेवगंज के सराफा बाजार स्थित ज्वेलरी शोरूम में करीब 14 करोड़ रुपये का सोना और 15 लाख रुपये नकद चोरी होने की वारदात ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी। शातिर चोर ने शोरूम में करीब सात घंटे बिताए, स्ट्रांग रूम का दरवाजा काटा और वहां रखी चाबी से तिजोरी खोलकर 10.50 किलो सोना और नकदी समेट ली। जाते समय वह शोरूम की सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गया, ताकि उसकी करतूत का कोई सुराग न मिले। पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर वारदात का राजफाश करते हुए पूर्व कर्मचारी विष्णु उर्फ पप्पू सोनी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से करीब आठ किलो सोना और 11 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब डेढ़ वर्ष पहले इसी कारोबारी के यहां काम करता था। नौकरी से निकाले जाने के बाद भी उसे शोरूम की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने चोरी की पूरी योजना तैयार की। वारदात में आरोपी की मां, बहन और भाई मोहन सोनी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने तीनों को भी गिरफ्तार किया है।
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पड़ोसी दुकान की छत से शोरूम में घुसा
पुलिस की जांच में सामने आया कि रविवार रात करीब नौ बजे पप्पू पड़ोसी दुकान की छत पर पहुंचा। वहां से वह ज्वेलरी शोरूम की छत पर गया। छत पर लगे लोहे के जाल को कटर से काटने के बाद रात 9:57 बजे वह शोरूम के अंदर दाखिल हुआ। शोरूम के अंदर पहुंचने के बाद उसने स्ट्रांग रूम का दरवाजा काटा। इसके बाद वहां रखी चाबी से तिजोरी खोली और सोना व नकदी एक बैग में भरना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सुबह करीब सवा पांच बजे शोरूम से बाहर निकला। यानी करीब सात घंटे तक वह शोरूम के अंदर मौजूद रहा।
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पानी पीकर आराम से करता रहा चोरी
वारदात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने शोरूम में काफी समय बिताया। इस दौरान उसने वहां रखा पानी भी पीया। उसने शोरूम में मौजूद हर सामान को नहीं छुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने चांदी की ज्वेलरी, पीतल के बर्तन और सोने की पानी चढ़ी ज्वेलरी को हाथ तक नहीं लगाया। उसका निशाना केवल कीमती सोना और नकदी थी। जाते समय उसने शोरूम में लगी सीसीटीवी की डीवीआर भी निकाल ली और अपने साथ ले गया। उसे उम्मीद थी कि रिकॉर्डिंग न मिलने से पुलिस के लिए उसकी पहचान करना मुश्किल होगा।

पीले थैले ने खोल दिया रास्ता
आरोपी की सबसे बड़ी चूक शोरूम से निकलते समय सामने आई। सामने वाली इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरे में वह दिखाई दे गया। उसके हाथ में पीले रंग का थैला था, जिस पर उसी शोरूम का नाम छपा हुआ था। उसके कंधे पर पिट्ठू बैग भी था। उसने काले कपड़े से चेहरे से लेकर कमर तक का हिस्सा ढक रखा था। पुलिस ने एक-एक कर शोरूम के आसपास और उसके आगे लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पैदल गलियों की तरफ जाता दिखाई दिया। आगे की फुटेज में एक स्थान पर उसके चेहरे से कपड़ा थोड़ा हट गया। पुलिस ने करीब 125 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।
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ज्वेलर ने पहचान लिया पूर्व कर्मचारी
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध के सामने आने के बाद पुलिस ने उसे शोरूम मालिक अमित कुमार सर्राफ को दिखाया। कद-काठी और हावभाव देखकर कारोबारी ने आशंका जताई कि फुटेज में दिखाई दे रहा व्यक्ति कोसीकलां निवासी उनका पूर्व कर्मचारी पप्पू हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने पप्पू की तलाश शुरू की और दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पुलिस को चोरी के माल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जंगल में आठ जगह गाड़ा था सोना
पुलिस के मुताबिक, पप्पू ने चोरी किया गया सोना कोसीकलां के जंगल में अलग-अलग स्थानों पर जमीन में गाड़ दिया था। उसने करीब आठ अलग-अलग जगह गड्ढे खोदकर सोना छिपाया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब आठ किलो सोना बरामद किया है। इसके अलावा 11 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी को भरोसा था कि वह आसानी से पुलिस की पकड़ में नहीं आएगा। उसकी योजना थी कि यदि पुलिस को उसकी भनक लग भी गई तो परिवार के साथ मिलकर धीरे-धीरे चोरी का सोना बेच दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, परिवार का बाजार में कारोबार भी है और एक दुकान पर आरोपी का पिता बैठता है।
कबाड़ी बाजार से ई-रिक्शा, फिर स्टेशन की ओर
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के शोरूम से निकलने के बाद की गतिविधियां भी सामने आईं। पुलिस के मुताबिक, वह कबाड़ी बाजार की तरफ गया और बलदेवगंज चौराहे से ई-रिक्शा में बैठा। पुलिस चौकी से पहले उतरने के बाद गलियों के रास्ते रेलवे स्टेशन की ओर चला गया। इन्हीं फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची। वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी श्लोक कुमार ने 10 पुलिस टीमों को लगाया था। जांच में एसटीएफ की टीम भी शामिल रही।

मां, बहन और भाई भी गिरफ्तार
एडीजी एसके भगत ने मंगलवार शाम तीन बजे प्रेसवार्ता में वारदात के खुलासे की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मोहल्ला रामनगर निवासी विष्णु उर्फ पप्पू सोनी, उसके भाई मोहन सोनी, मां और बहन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस बरामदगी और परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर आगे की जांच कर रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी की पूरी साजिश कब तैयार की गई थी और इसमें परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका क्या रही। साथ ही बरामद किए गए सोने की शेष मात्रा और नकदी की भी तलाश की जा रही है।
पूर्व कर्मचारी को शोरूम की पूरी थी जानकारी
पुलिस के लिए इस वारदात का सबसे अहम पहलू आरोपी का पूर्व कर्मचारी होना है। उसे शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था, स्ट्रांग रूम, तिजोरी और आने-जाने के रास्तों की जानकारी थी। इसी वजह से उसने ऐसी जगह से प्रवेश किया, जहां से सीधे सीसीटीवी की निगरानी से बचने की कोशिश की जा सके। हालांकि पुलिस की लगातार सीसीटीवी निगरानी और फुटेज जोड़ने की कार्रवाई ने उसकी योजना को नाकाम कर दिया। डीवीआर ले जाने के बावजूद आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग उसके लिए मुसीबत बन गई। 14 करोड़ के सोने की चोरी के बाद मथुरा पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती चोरी का पूरा माल बरामद करना और वारदात में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करना है। फिलहाल 36 घंटे के भीतर हुए इस खुलासे ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई को जरूर सामने ला दिया है, लेकिन जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि चोरी की साजिश में परिवार के किस सदस्य की कितनी भूमिका थी और बरामदगी के बाद कितना माल अभी बाकी है।
