Kanpur Dehat: डेढ़ माह से बंद मिड-डे मील, बच्चे टिफिन लाने को मजबूर; अभिभावकों में नाराजगी

personसंपादकीय टीम
calendar_today28 Feb 2026, 09:30 pm
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राजपुर (कानपुर देहात)। विकास खंड राजपुर क्षेत्र के ग्राम जल्लापुर सिकंदरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में पिछले करीब डेढ़ माह से मिड-डे मील योजना ठप पड़ी है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को नियमित रूप से भोजन न मिलने से अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि बच्चे रोजाना घर से टिफिन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं, जबकि कई बच्चों को भोजन के लिए बीच में ही घर जाना पड़ता है।

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ग्रामीणों के अनुसार मिड-डे मील बंद होने से छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कुछ बच्चे विद्यालय से घर जाने के लिए सड़क पार करने से डरते हैं, जिसके कारण वे स्कूल में ही भूखे रहने को मजबूर हो जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं ने बताया कि पहले स्कूल में नियमित भोजन मिलता था, लेकिन पिछले कई सप्ताह से खाना नहीं बन रहा है। अब उन्हें घर से भोजन लाना पड़ता है या फिर बिना खाए ही दिन गुजारना पड़ता है। अभिभावकों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि छोटे बच्चों के लिए खाली पेट पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है।

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इस मामले में जब मॉर्निंग सिटी संवाददाता ने विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेंद्र कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 से अब तक मिड-डे मील का भुगतान विद्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है। बजट न मिलने के कारण भोजन बनवाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुरुआती दिनों में विद्यालय स्तर पर बच्चों को समोसे और बिस्कुट उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते वह व्यवस्था भी जारी नहीं रह सकी।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द विद्यालय में मिड-डे मील योजना को पुनः शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को निर्धारित पोषण आहार मिल सके और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।
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