Agra News: आगरा में रिश्वतखोरी के लगातार वीडियो वायरल, दो दरोगा निलंबित

personसंपादकीय टीम
calendar_today19 Mar 2026, 08:03 pm
location_onAgra

अछनेरा में डायरी से लेन-देन तो इरादतनगर में 20 लाख की घूस मांगने का आरोप, जांच तेज

आगरा। जिले में पुलिस विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के लगातार वायरल हो रहे वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है। अछनेरा थाने में डायरी के माध्यम से कथित लेन-देन का वीडियो सामने आने के बाद अब इरादतनगर थाने से जुड़े एक दरोगा पर 20 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप लगा है। दोनों मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। अछनेरा थाने में तैनात एसएसआई जितेंद्र यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह डायरी के जरिए किसी प्रकार का लेन-देन करते नजर आए। आरोप है कि डायरी के अंदर घूस की रकम रखवाई गई। हालांकि वीडियो में रकम या लेन-देन का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने एसएसआई को निलंबित कर एसीपी से रिपोर्ट तलब की है। इसी बीच एक और वीडियो वायरल हुआ, जिससे विभाग में हलचल और बढ़ गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दोनों वीडियो आपस में जुड़े हैं या अलग-अलग घटनाएं हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचे।

Morning City

वहीं, इरादतनगर थाने में तैनात दरोगा मानवेंद्र गंगवार पर पूर्व फौजी से 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि मुकदमे से नाम निकालने के बदले दरोगा ने मोटी रकम की मांग की। इस दौरान पीड़ित ने बातचीत का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

www.morningcity.in

वीडियो में दरोगा कथित रूप से अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अपशब्द बोलता भी सुनाई दे रहा है। शिकायत के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दरोगा को निलंबित कर दिया है और जांच अपर पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित पूर्व सैनिक है और उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त व विजिलेंस से की थी। मामले में यह भी आरोप है कि एक नाम हटाने के लिए पांच लाख और चार नामों के लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई थी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बीच पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि दोनों मामलों में निलंबन की कार्रवाई तो हुई है, लेकिन अब तक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

Morning City

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले का सच सामने आ सके।
इस खबर को शेयर करें:
WFX
homeहोमplay_circleवीडियोcurrency_rupeeशेयर बाजारnewspaperई-पेपर
Subscribe NowSanskrit Teaching in Hindi