Hathras News: ‘बीमा लूट’ का आरोप: 30 साल से फर्जी अग्निकांड के जरिए करोड़ों के क्लेम का खेल?

personसंपादकीय टीम
calendar_today26 Apr 2026, 11:09 pm
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RTI एसोसिएशन जिला अध्यक्ष ने उठाए गंभीर सवाल, CBI/STF जांच और संपत्ति कुर्की की मांग

हाथरस। जनपद में कथित तौर पर सक्रिय एक संगठित आर्थिक सिंडिकेट पर बड़े स्तर पर बीमा धोखाधड़ी, टैक्स चोरी और जांच प्रभावित करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन (पंजीकृत) के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने साक्ष्यों के आधार पर अरुण गर्ग और अभय गर्ग पर आरोप लगाया है कि एक उद्योग समूह द्वारा पिछले करीब 30 वर्षों से फर्जी अग्निकांड दिखाकर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये के क्लेम हासिल किए जा रहे हैं।वार्ष्णेय के अनुसार, कथित तौर पर उद्योग संचालकों द्वारा स्टॉक रजिस्टर में हेरफेर कर और सर्वेक्षण प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए बीमा दावों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जीएसटी दस्तावेजों और बीमा क्लेम से जुड़े कागजातों में भारी अंतर है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि जांच को प्रभावित करने के लिए एक व्यक्ति नीलेश उकुन्दे को कथित रूप से फर्जी अधिकारी बनाकर भेजा गया, जिसने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की। इसे प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाला कदम बताया गया है।इसके अलावा, एसोसिएशन ने बेनामी संपत्तियों और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि कुछ संस्थानों के नाम पर बड़ी संपत्तियां अर्जित की गईं, जबकि कागजों में आय नगण्य दिखाई गई।श्री जी फार्म हाउस' और 'श्री जी फूड प्रोडक्ट्स' के नाम पर अर्जित करोड़ों की आय को कागजों में 'शून्य' दिखाकर GST और आयकर की वृहद चोरी की जा रही है। श्रीजी फार्म हाउस के सामने स्थित 22 बीघा लैंड जो आबादी लैंड है एग्रीकल्चर में रजिस्ट्री कराई है ₹2.72 करोड़ की कागजी कीमत वाली रजिस्ट्री और ₹15 करोड़ के वास्तविक बाजार मूल्य का अंतर यह चीख-चीख कर कह रहा है कि यहाँ काले धन को सफेद करने की एक बहुत बड़ी "वाशिंग मशीन" चल रही है। वही इस लैंड का एग्रीमेंट तथा रजिस्ट्री में ही करोड़ों का फर्क है जिसके सभी साक्ष्य राजीव वार्ष्णेय के पास उपलब्ध है,उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री और वास्तविक बाजार मूल्य में भारी अंतर को भी संदेहास्पद बताया गया है।एसोसिएशन ने यह सवाल भी उठाया है कि उच्च स्तर पर शिकायतें भेजे जाने और संबंधित विभागों को मामला सौंपे जाने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। इस पर प्रशासनिक निष्क्रियता या संभावित मिलीभगत की आशंका जताई गई है।राजीव वार्ष्णेय ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI या STF को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। साथ ही आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और फर्जी पहचान से जुड़े प्रावधानों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही है। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की कुर्की की मांग भी उठाई गई है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
फोटो -सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन  के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय
फोटो -सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय
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