Agra News: एत्मादपुर के भागूपुर में दर्दनाक हादसा, नौ वर्षीय नैना की जान गई; स्कूल की मान्यता खत्म करने के निर्देश
personसंपादकीय टीम
calendar_today12 Mar 2026, 11:00 pm
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ये स्कूल बस थी या कबाड़? टूटी फर्श से गिरकर कक्षा-1 की छात्रा की मौत, स्कूल प्रबंधक व चालक पर मुकदमा
आगरा। एत्मादपुर क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। भागूपुर गांव में संचालित आरबीएस पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की जर्जर बस के टूटे फर्श से गिरकर कक्षा-1 की नौ वर्षीय छात्रा नैना की मौत हो गई। हादसे के बाद बस का पिछला पहिया बच्ची के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर स्कूल प्रबंधक और बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार नगला लाले निवासी ब्रह्मजीत की बेटी नैना अपनी बड़ी बहन के साथ रोज की तरह स्कूल बस से पढ़ने जा रही थी। गुरुवार को जब बस बिहारीपुर गांव के पास पहुंची तो अचानक ब्रेक लगने से बच्ची का संतुलन बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि बस का फर्श काफी समय से टूटा हुआ था और उसमें बड़ा छेद था। इसी छेद से नैना नीचे सड़क पर गिर गई और बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से निकल गया। हादसे के बाद चालक ने बस रोकी और घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद देर रात छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता ब्रह्मजीत का कहना है कि यदि बस चालक और स्कूल प्रबंधन ने समय रहते बस की मरम्मत कराई होती तो उनकी बेटी आज जिंदा होती। मृतक नैना का सपना पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने का था। पिता ने रुंधे गले से कहा कि उनकी बेटी हमेशा कहती थी कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बनेगी और लोगों की सेवा करेगी। लेकिन स्कूल की लापरवाही ने उसके सपनों को अधूरा छोड़ दिया। घटना के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को स्कूल की मान्यता समाप्त करने तथा स्कूल संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों की टीम स्कूल का निरीक्षण कर वहां की मान्यता और भौतिक संसाधनों की स्थिति की जांच करेगी।
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प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि स्कूल को केवल कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, जबकि वहां 11वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। अब हाईस्कूल और इंटर की मान्यता की भी जांच की जाएगी। यदि अवैध रूप से कक्षाएं चलाने की पुष्टि होती है तो स्कूल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस बस से बच्चों को स्कूल लाया-ले जाया जा रहा था, वह बेहद जर्जर हालत में थी। बस के फर्श में पिछले दो महीने से बड़ा छेद था, जिस पर लकड़ी का तख्ता रखकर काम चलाया जा रहा था। हादसे वाले दिन अचानक वह तख्ता हट गया और बच्ची छेद से नीचे गिर गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। बस में सवार अन्य बच्चों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है तो गैर इरादतन हत्या की धारा में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हादसे के बाद से स्कूल में ताला लटका है और स्कूल संचालक फरार बताया जा रहा है।
