मैनपुरी-जीतू ठाकुर ने चाची को गोली मारकर शुरु किया था अपराध का सफर

personसंपादकीय टीम
calendar_today30 Apr 2025, 04:47 pm
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Morning City मैनपुरी। जनपद हाथरस के थाना हाथरस जंक्सन क्षेत्र के गांव पहाड़पुर निवासी कुख्यात अपराधी एक लाख के इनामी जितेन्द्र उर्फ जीतू ठाकुर को मंगलवार की अलसुवह एसटीएफ आगरा व मैनपुरी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसका साथी मौके से भाग निकला। मुठभेड़ एलाऊ थाना क्षेत्र की तारापुर कट पुलिया पर हुई। जीतू ने अलीगढ़ मंडल में बीते 22 साल से आतंक मचा रखा था। मुठभेड़ में मारा गया जीतू पिछले 22 साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। 18 साल की उम्र में गांव में रिश्ते की चाची को गोली मारकर घायल करने की वारदात से उसका आपराधिक सफर शुरू हुआ। हर बार वह नया गैंग बनाकर अपराध करता था। ज्ञात हो कि बर्ष 2003 में जनपद हाथरस के थाना जंक्शन क्षेत्र में जीतू ने नाली सफाई के विवाद में गांव में ही रिश्ते की चाची को गोली मार दी थी। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी, हालांकि उनकी जान बच गई थी। इस मामले में पुलिस ने उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। यह उसका पहला अपराध था, इसके बाद वह वारदात पर वारदात करता रहा। वर्ष 2005 में गांव पहाड़पुर में ही मनोहर लाल शर्मा के घर में वह चोरी के इरादे से गैंग लेकर घुसा था। इस दौरान मनोहर लाल घर पहुंच गए और उन्होंने जीतू को पहचान लिया, जिस पर उसने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2007 में उसके खिलाफ जानलेवा हमले का एक और मुकदमा दर्ज हुआ। हाथरस के हसायन क्षेत्र में छह जनवरी 2009 को एक प्रधानाचार्य की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके खिलाफ हाथरस जंक्शन थाने में 21, हसायन थाने में दो, हरियाणा के फरीदाबाद के सूरजकुंड में एक और मैनपुरी में एक लूट, मारपीट, धमकाने सहित जानलेवा हमले आदि धाराओं के 25 मुकदमे दर्ज हैं। जीतू ठाकुर पर दर्ज थे कुल 24 मुकदमा मुठभेड़ से पहले जीतू पर कुल 24 केस दर्ज थे। अब पुलिस मुठभेड़ का 25वां मुकदमा एलाऊ थाने में दर्ज हुआ है। एलाऊ थाना इंस्पेक्टर अवनीश त्यागी और एसटीएफ आगरा के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह की ओर से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसकी विवेचना किसी अन्य थाने को दी जाएगी। मुठभेड़ की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल की टीम ने मौके पर जाकर मृतक के रक्त सैंपल, मुठभेड़ स्थल से मिट्टी का नमूना व अन्य सैंपल लिए भरे। इन सभी की जांच आगरा एफएसएल में होगी। जीतू ठाकुर के साथ दूसरा व्यक्ति कौन था एसटीएफ आगरा और एलाऊ थाना पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर जीतू ठाकुर के साथ बाइक पर दूसरा व्यक्ति कौन था। पुलिस उसे भी केस में शामिल कर तलाश में जुटी है। एसपी ने बताया कि हाथरस के राशन डीलर योगेश उपाध्याय की हत्या में फरार चल रहे जीतू पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। एक माह पहले मिला था जीतू, तब खूब रोया था पुलिस मुठभेड़ में ढेर कुख्यात अपराधी जीतू उर्फ जितेंद्र के परिजन उसकी मौत की खबर पाकर मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। जीतू का शव देख उसकी मां राजकुमारी और बहन साधना फूट-फूटकर रोने लगीं। पत्नी दीक्षा और बेटी नहीं आईं। 39 वर्षीय जीतू उर्फ जितेंद्र की मां राजकुमारी ने कहा कि बेटे जीतू को वर्ष 2005 में हत्या के झूठे केस फंसाया गया था। हत्या पड़ोसी गांव में हुई थी। राजकुमारी ने कहा कि उस मुकदमे की सीबीआई जांच की मांग परिवार शुरू से कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि एक माह पहले बेटा एक रात चोरी- छिपे मिलने के लिए आया था। तब वह पुलिस मुकदमों को लेकर खूब रोया था। बहन साधना ने कहा कि भाई सामान्य जीवन जीना चाहता था। मगर, पुलिस केस और उसके दुश्मनों ने उसे अपराध का रास्ता नहीं छोड़ने दिया। राजकुमारी ने बताया कि बहू दीक्षा नहीं आ पाई है। वह मायके में है। उसे सूचना दे दी गई है। राशन डीलर की हत्या में फरार चल रहा था जीतू हाथरस के राशन डीलर योगेश उपाध्याय की हत्या में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हत्या प्रधानी की रंजिश के चलते की गई थी। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मुख्य आरोपी जीतू ठाकुर फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित करने के साथ उसके घर की कुर्की भी कराई थी। इस केस में जब गिरफ्तारी के लिए पुलिस का दबाव पड़ा तो जीतू से उसके परिजन ने भी नाता तोड़ लिया था। पत्नी भी उसे छोड़कर मायके जा चुकी है।
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