GautamBuddhNagar News: ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) को लेकर गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में कार्यशाला का हुआ आयोजन
personसंपादकीय टीम
calendar_today19 Aug 2026, 11:08 pm
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जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं एफएलसी सुपरवाइजरों को दी गयी एफएलसी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
मास्टर ट्रेनरों एवं विशेषज्ञों द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट पर लाइव एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया
एफएलसी कार्यशाला में प्रदेश के 21 जनपदों के अधिकारियों ने किया प्रतिभाग
Morning City
गौतमबुद्धनगर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग मनीष गर्ग की अध्यक्षता में आज गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा स्थित सभागार में ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी से संबंधित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य 21 जनपदों में प्रस्तावित ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यशाला में 21 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एफएलसी सुपरवाइजर द्वारा प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग मनीष गर्ग, विशिष्ट अतिथि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा, सचिव भारत निर्वाचन आयोग मधुसूदन गुप्ता, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश अखंड प्रताप सिंह, अवर सचिव, भारत निर्वाचन आयोग राकेश कुमार एवं उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश अमित सिंह द्वारा किया गया।
कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश एवं तकनीकी जानकारी दी गई। इसके साथ ही ईवीएम पर तकनीकी एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों, एफएलसी की प्रक्रिया तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनरों की भूमिका के संबंध में जानकारी दी गईं।

आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट के संपूर्ण जीवन चक्र के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें मशीनों के संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान प्रक्रिया, मतगणना तथा मतगणना के बाद की प्रक्रियाओं सहित विभिन्न प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ईसीआईएल के विशेषज्ञ पी.सी. मंडल द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट की तकनीकी संरचना तथा सुरक्षा विशेषताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं, भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रभाग के सचिव मधुसूदन गुप्ता द्वारा एफएलसी के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों तथा उनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया।
कार्यशाला स्थल पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम एवं वीवीपैट उपलब्ध कराए गए, जहां बीईएल/ईसीआईएल के विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा मशीनों के संचालन एवं एफएलसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत प्रतिभागियों को स्वयं मशीनों के संचालन एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझा।

प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया तथा डाउट क्लियरिंग सेशन के माध्यम से उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। सभी प्रतिभागियों से घोषणा-पत्र भी प्राप्त किए गए, जिसमें उनके द्वारा प्रशिक्षण में बताए गए विषयों को समझने तथा किसी प्रकार की शंका शेष न होने की पुष्टि की गई।
कार्यशाला के समापन अवसर पर अधिकारियों द्वारा एफएलसी प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल, पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपादित किए जाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी विधानसभा निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
जिलाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों, जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एफएलसी सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनरों, ईसीआईएल के विशेषज्ञों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के प्रति कार्यशाला में मार्गदर्शन, सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।
कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एफएलसी सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर, ईसीआईएल के विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

