Hathras News: वन विभाग व पुलिस की शिथिलता से फल-फूल रहा अवैध कटान का कारोबार
personसंपादकीय टीम
calendar_today15 Feb 2026, 09:55 pm
location_onHathras
Morning City
हाथरस। जनपद में हरे और सूखे पेड़ों की अवैध कटाई का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि वन विभाग और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते बिना अनुमति बड़ी संख्या में पेड़ों को काटा जा रहा है। जिन प्रजातियों के पेड़ों पर स्पष्ट प्रतिबंध है, वे भी प्रमुखता से निशाने पर हैं। नियमों के अनुसार केवल अनुमति प्राप्त प्रजातियों की लकड़ी ही काटी जा सकती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई देती है।
सूत्रों के अनुसार टैक्स चोरी के नाम पर बिना जीएसटी और बिना मंडी शुल्क चुकाए लाखों रुपये का माल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा है। इससे सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। इतना ही नहीं, कई आरा मशीनें निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। नियम कहता है कि आरा मशीन आबादी क्षेत्र में संचालित नहीं हो सकती और अग्निशमन के पर्याप्त संसाधन अनिवार्य होने चाहिए, लेकिन अधिकांश स्थानों पर इन प्रावधानों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कुछ गैर-लाइसेंसी आरा मशीनें भी वन अधिकारियों के संरक्षण में निर्बाध रूप से चल रही हैं। जिन लोगों के नाम पर लाइसेंस जारी हैं, उनके द्वारा लाइसेंस किराए पर देने की भी चर्चा है। जीएसटी और मंडी लाइसेंस के अभाव के बावजूद कारोबार धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की जनहानि या अग्निकांड जैसी घटना होती है तो जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा। सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदार कौन होगा?मशीन का वास्तविक मालिक या किराए पर संचालित करने वाला व्यक्ति? विभागीय शिथिलता के चलते अवैध गतिविधियों को मानो खुली छूट मिल गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब और कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है?

