Agra News: बटेश्वर श्मशान घाट की बदहाली पर फूटा जनाक्रोश, जनप्रतिनिधियों के वादे साबित हुए खोखले

personसंपादकीय टीम
calendar_today19 Mar 2026, 08:47 pm
location_onAgra

Morning City

आगरा/बाह। क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बटेश्वर तीर्थ, जिसे “छोटी काशी” के नाम से जाना जाता है, वहां स्थित श्मशान घाट की जर्जर और बदहाल स्थिति ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुक्ति की कामना लेकर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को यहां अंतिम संस्कार के दौरान भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।बताया जाता है कि बटेश्वर तीर्थ पर प्रतिदिन कई लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन श्मशान घाट पर न तो पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और न ही कोई मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं। घाट की स्थिति इतनी खराब है कि वह किसी खंडहर से कम नहीं दिखता। जगह-जगह गंदगी, अव्यवस्था और संसाधनों की कमी से लोगों को मानसिक व शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद द्वारा कई बार श्मशान घाट के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन आज तक उन वादों का कोई ठोस परिणाम नहीं दिखा। चुनावी समय में किए गए आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।

www.morningcity.in

पत्रकारों द्वारा भी कई बार इस गंभीर समस्या को खबरों के माध्यम से उजागर किया गया और जनप्रतिनिधियों व प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।इस संबंध में परमार्थ धाम बटेश्वर के पुरोहित पं. बृजेश शास्त्री ने कहा कि श्मशान घाट की समस्या अत्यंत गंभीर है और इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्थान के अभाव और वन विभाग के हस्तक्षेप के चलते वर्तमान व्यवस्था अपर्याप्त है। यदि प्रशासन गंभीरता दिखाए तो बटेश्वर ग्राम पंचायत की लगभग 39 हेक्टेयर भूमि पर एक व्यवस्थित एवं सुविधायुक्त श्मशान घाट का निर्माण कराया जा सकता है।स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तीर्थ स्थल की गरिमा को बनाए रखने के लिए श्मशान घाट का शीघ्र विकास कराया जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि आस्था और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
इस खबर को शेयर करें:
WFX
homeहोमplay_circleवीडियोcurrency_rupeeशेयर बाजारnewspaperई-पेपर
Subscribe NowSanskrit Teaching in Hindi