Mainpuri News: चकबंदी अधिकारी के अभद्रता पर किसान ने की थी सुसाइट
personसंपादकीय टीम
calendar_today20 Mar 2026, 10:50 pm
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सपा किशनी विधायक ने मामले की शिकायत डीएम से की
मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के किशनी विधायक ने डीएम ऑफिस में शिकायत करके कुर्रा थाना क्षेत्र के गांव भीती में एक किसान की आत्महत्या के मामले में शिकायत करके तहसील करहल के चकबंदी अधिकारी पर मनमानी और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके कारण किसान को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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थाना कुर्रा क्षेत्र के मौजा भीती निवासी विपिन उर्फ आरती ने शिकायत दर्ज कराई है। आरती के अनुसार, उनकी ग्राम पंचायत भौती, तहसील करहल में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने और उनके पति, स्वर्गीय प्रदीप कुमार ने अपनी मूल जोत पर ही चक बनाने का अनुरोध किया था, जहां उनका पानी का बोरिंग इंजन लगा था और वे वर्षों से खेती कर रहे थे। हालांकि, चकबंदी कर्ता और सहायक चकबंदी अधिकारी ने उनकी मूल जोत पर चक न बनाकर उन्हें दूसरी जगह चक आवंटित कर दिया। यह आवंटित भूमि तालाब और ऊसर (बंजर) जमीन थी। आरती ने आरोप लगाया कि सहायक चकबंदी अधिकारी नरेंद्र कुमार वर्मा ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रुपये देने से मना करने पर चकबंदी अधिकारी नाराज हो गए थें, और प्रदीप कुमार से कहा था कि वे कुछ नहीं करा पाएंगे और कहीं जाकर मर जाएं। उन्होंने प्रदीप कुमार को दोबारा अपना चेहरा न दिखाने की धमकी भी दी। इस घटना से प्रदीप कुमार और आरती बेहद निराश होकर वापस लौट आए।
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चकबंदी अधिकारी ने दोबारा भी किया था अपमान
अगले दिन, प्रदीप कुमार, प्रधान रामवीर और कुछ अन्य ग्रामवासियों के साथ दोबारा चकबंदी अधिकारी नरेंद्र कुमार वर्मा के पास गए। आरोप है कि अधिकारी ने फिर से प्रदीप कुमार के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें अपने कार्यालय से भगा दिया। इस अपमान और मानसिक प्रताड़ना के कारण प्रदीप कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया और अंततः 12 मार्च, 2024 की रात अपने खेत पर आत्महत्या कर ली।
आरोपों को सिरे से किया खारिज
दूसरी तरफ चकबंदी अधिकारी नरेंद्र कुमार ने लगाए गए आरोपो को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी वाक्या सामने नहीं आया है और उन्होंने चकबंदी की भूमि के आवंटन में अपनी कार्रवाई या बात नहीं की है।
