Hathras News: जनपदीय अधिकारियों ने सीएम पोर्टल व आरटीआई को बनाया मजाक:-राजीव वार्ष्णेय
personसंपादकीय टीम
calendar_today28 Apr 2026, 10:45 pm
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हाथरस-। उत्तर प्रदेश की पारदर्शी शासन व्यवस्था को जनपदीय कुछ अधिकारी दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) और सूचना का अधिकार (आरटीआई ) अधिनियम को जिले के कुछ अधिकारियों ने पूरी तरह निष्प्रभावी बना दिया है।उक्त गंभीर आरोप सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में लगाए हैं।जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने कड़े शब्दों में कहा है कि जब भी किसी जनसमस्या या भ्रष्टाचार के विरुद्ध पोर्टल पर शिकायत की जाती है, तो संबंधित विभागीय अधिकारी धरातल पर जांच करने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही झूठी और भ्रामक रिपोर्ट (आख्या) लगा देते हैं। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाओं को या तो दबा दिया जाता है या अधूरी जानकारी देकर आवेदक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अधिकारियों का यह कृत्य न केवल शासन की छवि धूमिल कर रहा है, बल्कि भ्रष्टाचार को सीधे तौर पर संरक्षण दे रहा है।उन्होंने कहा है कि संगठन ने इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सेवा नियमावली के तहत कठोर कार्यवाही की जाए और उनकी संपत्ति की सतर्कता से जांच कराई जाए। एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मिलने का समय भी मांगा है, ताकि साक्ष्यों के साथ अधिकारियों के काले कारनामों की पोल खोली जा सके। जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने स्पष्ट किया है कि यदि इन भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और शासन स्तर पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो संगठन लखनऊ और दिल्ली में बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
