Dehradun News: मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी का शौर्य प्रदर्शन, 200 बहनों ने लिया हिस्सा; तलवारबाजी से दिया नारी शक्ति, आत्मरक्षा और राष्ट्रभक्ति का संदेश
personसंपादकीय टीम
calendar_today19 Oct 2026, 10:55 pm
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देहरादून। विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को कन्या गुरुकुल, राजपुर रोड, देहरादून में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पथ संचलन एवं गोष्ठी के माध्यम से नारी शक्ति, आत्मरक्षा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर लगभग 200 बहनों की सहभागिता रही।
दुर्गा वाहिनी की विभाग संयोजिका दीपाली शुक्ला जी ने अपनी अन्य दुर्गा वाहिनी की बहनों के साथ मिलकर तलवार प्रदर्शन किया। बहनों ने अपने साहस, शौर्य, अनुशासन एवं आत्मविश्वास का प्रभावशाली परिचय देते हुए कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। तलवार प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह में उत्साह का संचार किया तथा नारी शक्ति, आत्मरक्षा और संगठनात्मक एकता का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्रीमती सरिता त्रिपाठी जी, क्षेत्र सह-संयोजिका मातृशक्ति, मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीति शुक्ला जी, प्रांत सह-संयोजिका मातृशक्ति, तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सविता चौन्याल जी ने की।
मुख्य वक्ता श्रीमती सरिता त्रिपाठी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी राष्ट्र निर्माण, संस्कार संरक्षण और समाज जागरण की सशक्त आधारशिला हैं। भारतीय नारी त्याग, ममता और करुणा की प्रतिमूर्ति होने के साथ-साथ साहस, शौर्य और शक्ति का भी प्रतीक है। वर्तमान समय में बहनों का शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त होना, आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहना और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आना आवश्यक है। उन्होंने बहनों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित, धर्म-संस्कृति के संरक्षण तथा समाज में संस्कारों के प्रसार के लिए संगठित होकर कार्य करें।
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मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीति शुक्ला जी ने कहा कि नारी शक्ति किसी भी राष्ट्र की वास्तविक सामर्थ्य होती है। जब नारी जागरूक, संस्कारित और आत्मनिर्भर होती है, तब परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों सुदृढ़ होते हैं। मातृशक्ति का दायित्व परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा और राष्ट्रभावना का जागरण करना भी है। उन्होंने दुर्गा वाहिनी की बहनों को संबोधित करते हुए आत्मरक्षा, अनुशासन, संगठन के प्रति समर्पण और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर बल दिया। उन्होंने सभी बहनों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकाधिक बहनों को संगठन से जोड़कर राष्ट्र निर्माण के कार्य को गति प्रदान करें।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सविता चौन्याल जी ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं में आत्मविश्वास, एकजुटता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। संस्कारवान, साहसी और जागरूक नारी ही सशक्त परिवार तथा सशक्त समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के प्रयासों की सराहना करते हुए बहनों से संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने और सेवा व संस्कार के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका आकांक्षा जी ने किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना मातृशक्ति की जिला संयोजिका वंदना जी ने प्रस्तुत की। उन्होंने स्थापना दिवस के उद्देश्य एवं संगठन के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बहनों से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष श्रीमान रविदेव जी, प्रांत उपाध्यक्ष श्रीमान सुभाष जी, प्रांत संगठन मंत्री श्रीमान अजय जी, विभाग मंत्री श्रीमान आलोक जी, विभाग संगठन मंत्री श्रीमान अक्षत राणा कोटी जी, जिला मंत्री श्रीमान विशाल जी एवं श्रीमान श्याम शर्मा जी, श्रीमान कमल जी एवं श्रीमान राजा वर्मा जी,ऊषा, सविता, अनीता सक्सेना,लक्ष्मी सहित विभिन्न प्रखंडों की संयोजिकाएँ, मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी की बहनें उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में बहनों की अनुशासित सहभागिता, पथ संचलन और तलवार प्रदर्शन ने संगठन की एकता, साहस और समर्पण का परिचय दिया। लगभग 200 बहनों की सहभागिता के साथ पथ संचलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्थापना दिवस का यह आयोजन नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा, संस्कार संरक्षण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने वाला रहा।
