Agra News: विदेश में नौकरी का झांसा, आगरा में फर्जी वीजा गिरोह का भंडाफोड़: लाखों की ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार
personसंपादकीय टीम
calendar_today14 Apr 2026, 10:20 pm
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आगरा। ताजनगरी में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना हरीपर्वत पुलिस ने संजय प्लेस स्थित एक कंसल्टेंसी ऑफिस पर दबिश देकर गैंग के मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी वीजा, नियुक्ति पत्र, कंप्यूटर उपकरण और नकदी बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, संजय प्लेस में “फ्लाई कंसल्टेंसी” नाम से संचालित ऑफिस में विदेश भेजने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूले जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर उ0नि0 सुमित मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। दबिश के दौरान ऑफिस के अंदर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान साहिल उर्फ राजवीर निवासी पंजाब और अमन सिद्दीकी निवासी हाथरस के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों को संपर्क करते थे और उन्हें कनाडा, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद उनसे वीजा और प्रोसेसिंग के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। आरोपियों द्वारा फर्जी वीजा और नियुक्ति पत्र तैयार कर पीड़ितों को दे दिए जाते थे, जिससे वे लंबे समय तक धोखे में रहते थे। पुलिस ने ऑफिस से एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, सीपीयू, कैनन कंपनी का कलर प्रिंटर, 65 से अधिक कूटरचित वीजा व नियुक्ति पत्र, अलग-अलग लोगों के नाम से भरे हुए फॉर्म, आधार और पैन कार्ड की छायाप्रतियां, बड़ी संख्या में विजिटिंग कार्ड और कंपनी की मोहर बरामद की है। इसके अलावा 36,750 रुपये नकद, पांच कीपैड मोबाइल और तीन एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जाता था।
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पूछताछ में मुख्य आरोपी साहिल उर्फ राजवीर ने स्वीकार किया कि वह कम पढ़ा-लिखा है और पिछले चार महीने से आगरा में रहकर यह गिरोह चला रहा था। उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए भोले-भाले लोगों को फंसाकर उनसे पैसे ऐंठता था और मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि अब तक वह करीब पांच लाख रुपये की ठगी कर चुका है और उसका इरादा एक करोड़ रुपये जुटाकर शहर बदलने का था। वहीं, उसका साथी अमन सिद्दीकी स्थानीय स्तर पर लोगों को ऑफिस तक लाने का काम करता था और ठगी की रकम में 20 प्रतिशत हिस्सा लेता था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में लिप्त थे और कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। मौके पर मौजूद पीड़ितों में मुजफ्फरनगर निवासी ताहिर और तैय्यब ने बताया कि उनसे भी विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर क्रमशः 1.44 लाख और 2.74 लाख रुपये लिए गए। ताहिर का पासपोर्ट भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिया था।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। बरामद सभी सामान को सील कर कब्जे में ले लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने या नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी एजेंसी को पैसा देने से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य कर लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
