Agra News: फर्जी लोन गिरोह का पर्दाफाश, 250 लोगों के नाम से 2.50 करोड़ का लोन
personसंपादकीय टीम
calendar_today18 Feb 2026, 09:29 pm
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आगरा। शहर में बड़े पैमाने पर फर्जी लोन लेने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। साइबर सेल पुलिस ने नारायण चौरसिया उर्फ नितिन चौरसिया को गिरफ्तार किया है, जो इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। जांच में पता चला कि 250 से अधिक लोगों के नाम, आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर सरकारी और निजी बैंकों से कुल 2.50 करोड़ रुपये का लोन लिया गया। गिरोह 2021 से सक्रिय था। आरोपी और उसके सहयोगी आधार कार्ड पर नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और उनका उपयोग करके सरकारी और निजी फाइनेंस कंपनियों से लोन स्वीकृत कराते थे। लोन की किश्त जमा नहीं होने पर जिन लोगों के नाम पर लोन लिया गया था, उनके पास रिकवरी एजेंट भेजे जाते थे।
साइबर सेल की जांच में यह भी उजागर हुआ कि कई फाइनेंशियल कंपनियों ने केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए बिना लोन मंजूर कर दिए। आरोपी ने अपने अस्थायी निवास पते का उपयोग कर फर्जी बैंक खाते और केवाईसी दस्तावेज तैयार करवाए। इसके माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंटरनेट बैंकिंग और ई-मेल का उपयोग करके फर्जी लोन लिया जाता था।
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जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि प्रत्येक लोन पर गिरोह को लगभग 80,000 से 1,00,000 रुपये का लाभ होता था। कुल मिलाकर 2 करोड़ से 2.50 करोड़ रुपये तक का अवैध लाभ अर्जित किया गया। आरोपी ने इस धनराशि से स्कूटी, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन खरीदे, जिन्हें बेचकर अतिरिक्त लाभ कमाया।
मुख्य आरोपी नारायण चौरसिया, न्यू आदर्श नगर, बल्केश्वर, आगरा का मूल निवासी है। वर्तमान में वह चाणक्यपुरी, गढ़ी भदौरिया में अस्थायी रूप से रह रहा था। उसके सहयोगी सन्नी उर्फ प्रमोद (दिल्ली) और संजेश भी इस गिरोह में शामिल हैं। आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए चार अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया। नितिन चौरसिया, नारायण चौरसिया, मनोज और शैलेन्द्र। साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-मेल और बैंक खातों का विश्लेषण कर गिरोह का पर्दाफाश किया। अब अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे साइबर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में सभी वित्तीय संस्थानों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी कड़ी की जाएगी।
